सचिव–सरपंच की जोड़ी ने प्रशासन को भी बना दिया अंधा... महिलाओं का हक़ डकार गए जिम्मेदार नियमों की उड़ाई धज्जियां...लूट का अड्डा बनी योजनाएं नहीं सांठगांठ चल रही...!

28 Jan, 2026 472 व्यूज
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सिवनी।नायक दर्पण

शासन ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की योजनाओं के ढोल पीट रहा है तो दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। ग्राम पंचायत जमुनिया (बकोड़ी) सचिव सरपंच द्वारा महिलाओं के हित में चलाई जा रही योजना का लाभ खुद अपने हित में ले लेना न सिर्फ नैतिक अपराध है बल्कि विकास के नाम पर खुली लूट का उदाहरण भी है। जो सरपंच महिलाओं के अधिकारों को ही दरकिनार कर दे क्या वह गांव का समुचित विकास कर पाएगी...?ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरपंच ही जनहित छोड़कर निजी स्वार्थ साधने लगे तो विकास सिर्फ कागजो तक सीमित रह जाएगा।सचिव जयकुमार अरेवा और सरपंच मालती जंघेला की कथित सांठगांठ ने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर शासन की योजनाओं में नियमों को दरकिनार करते हुए न सिर्फ ग्रामीणों के अधिकारों पर डाका डाला, बल्कि प्रशासन को भी गुमराह किया।बताया जा रहा है कि महिलाओं एवं ग्रामीणों के हित में स्वीकृत योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचने के बजाय अपने और अपने करीबी लोगों के हित में उपयोग किया गया।महिला सशक्तिकरण का नारा हकीकत में घोटाला सरपंच ने महिलाओं का हक मारकर खुद उठाया योजना का लाभ...जनता ठगी गई, सिस्टम सोया क्या अब जागेगा प्रशासन...?जनता पूछ रही सवाल ऐसे जनप्रतिनिधि करेंगे गांव का विकास...?
पंचायत में विकास कार्य ठप पड़े हैं और योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं। निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा, या फिर महिलाओं के हक़ की यह लूट यूं ही दबा दी जाएगी..?