शमशान घाट या खंडहर..? बोरदई पंचायत की संवेदनहीनता उजागर...सरपंच-सचिव को नहीं दिखती बदहाली..अंतिम संस्कार स्थल बेहाल, विकास योजनाएं सिर्फ फाइलों में..!

28 Jan, 2026 20 व्यूज
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सिवनी नायक दर्पण

जनपद पंचायत सिवनी अंतर्गत ग्राम पंचायत बोरदई के ग्राम बाडीबाड़ा में स्थित शमशान घाट की हालत अत्यंत दयनीय बनी हुई है। जहां एक ओर सरकार “अंतिम संस्कार को सम्मानजनक सुविधा” देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर बाडीबाड़ा का शमशान घाट प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण बन चुका है।
शमशान घाट में न तो समुचित छत की व्यवस्था है, न बैठने की सुविधा और न ही साफ-सफाई। जर्जर ढांचा, उखड़ी हुई संरचना और चारों ओर फैली झाड़ियां यह सवाल खड़ा करती हैं कि क्या इसी हालत में ग्रामीण अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं..?शमशान घाट के नाम पर स्वीकृत राशि आखिर गई कहां..? क्या पंचायत प्रतिनिधियों को विकास केवल कागजों में ही दिखाई देता है..?हैरानी की बात यह है कि इस दयनीय स्थिति के बावजूद सरपंच और सचिव की आंखें बंद हैं। सवाल यह है कि क्या यही “विकास” है..?पंचायत भवनों, मंचों और दिखावटी कार्यों पर लाखों खर्च हो सकते हैं तो शमशान घाट जैसी मूलभूत और संवेदनशील जरूरत को क्यों नजरअंदाज किया गया..? क्या जनप्रतिनिधियों के लिए मौत के बाद का सम्मान कोई मुद्दा नहीं..?अब देखना यह है कि प्रशासन जागता है या फिर मानवता यूं ही खंडहर में दम तोड़ती रहेगी।