भारतीय पत्रकारिता की नींव रखने वाला ऐतिहासिक दिन: 29 जनवरी
29 Jan, 2026
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भारत में पत्रकारिता की नींव रखने वाला ऐतिहासिक दिन...
29 जनवरी भारत में भारतीय समाचार पत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1780 में कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) से जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने हिक्कीज़ बंगाल गजट (Hicky’s Bengal Gazette) का प्रकाशन किया था। यह न केवल भारत, बल्कि पूरे एशिया का पहला मुद्रित समाचार पत्र था, जिसने भारतीय प्रिंट पत्रकारिता की आधारशिला रखी।
सत्ता के सामने सच बोलने की परंपरा की शुरुआत...
आयरिश मूल के जेम्स हिक्की ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्भीक लेखन किया। उनका अखबार भले ही केवल दो वर्षों तक चला, लेकिन इसने साहसी पत्रकारिता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने आने वाली पीढ़ियों को सच लिखने की प्रेरणा दी।
स्वतंत्रता संग्राम में अखबारों की अहम भूमिका...
इसके बाद बॉम्बे गजट, मद्रास कूरियर जैसे समाचार पत्र सामने आए। बाल गंगाधर तिलक, महात्मा गांधी, राजा राममोहन राय जैसे महापुरुषों ने अखबारों को जनजागरण और स्वतंत्रता आंदोलन का मजबूत हथियार बनाया।
डिजिटल युग में भी प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता कायम...
आज भले ही डिजिटल मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म तेजी से आगे बढ़े हों, लेकिन प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता, गहराई और स्थानीय मुद्दों पर पकड़ आज भी अटूट है। अखबार उन क्षेत्रों तक भी सूचना पहुंचाते हैं, जहां इंटरनेट की पहुंच सीमित है।
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ आज भी मजबूत
भारतीय समाचार पत्र दिवस यह याद दिलाता है कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जो सरकार को जवाबदेह बनाता है और जनता को जागरूक करता है। फेक न्यूज, आर्थिक दबाव और डिजिटल बदलाव जैसी चुनौतियों के बावजूद प्रिंट मीडिया आज भी मजबूती से खड़ा है।
निष्कर्ष...
29 जनवरी उन सभी पत्रकारों, संपादकों और प्रिंट मीडिया के कर्मयोगियों को समर्पित है, जो सत्य, निष्पक्षता और साहस के साथ समाज की आवाज बने हुए हैं।
“समाचार पत्र सिर्फ कागज नहीं, लोकतंत्र की आवाज हैं।”
भारतीय समाचार पत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
जय हिंद! 🇮🇳
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