विकास पर ब्रेक लगाने की साजिश...नियमों से पास सामुदायिक भवन पर झूठी शिकायतों की बौछार...शासकीय जमीन वैध प्रस्ताव फिर विवाद क्यों..?
05 Feb, 2026
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केवलारी/सिवनी नायक दर्पण
जनपद पंचायत केवलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत घंसौर के मैनापिपरिया में शासकीय भूमि पर प्रस्तावित सामुदायिक भवन को लेकर उठ रही आपत्तियां अब सवालों के घेरे में हैं। हैरानी की बात यह है कि यह प्रस्ताव नियमों के तहत विधिवत ग्राम सभा बैठक में पूर्ण बहुमत से पारित किया गया है, जिसका स्पष्ट उल्लेख पत्र क्रमांक सहित अभिलेखों में दर्ज है।
ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव द्वारा शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ग्राम सभा बुलाई गई, जहां ग्रामीणों की सहमति से सामुदायिक भवन निर्माण का निर्णय लिया गया। यह भवन ग्रामीणों के सामाजिक, सांस्कृतिक और सामूहिक कार्यक्रमों के लिए अत्यंत आवश्यक बताया जा रहा है।
इसके बावजूद, अब कुछ तत्वों द्वारा इस जनहितकारी प्रस्ताव को लेकर की जा रही शिकायतें और आपत्तियां यह संकेत दे रही हैं कि मामला नियमों का नहीं, बल्कि विकास को रोकने की मानसिकता का है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब ग्राम सभा सर्वोच्च मंच है और वहीं से निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है, तो फिर बार-बार शिकायतें किस उद्देश्य से...?
ग्रामीणों में इस बात को लेकर रोष है कि विकास कार्यों को बदनाम करने और पंचायत की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उनका साफ कहना है कि सामुदायिक भवन कोई निजी लाभ का नहीं, बल्कि पूरे गांव के हित का विषय है।
प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।ग्रामीणों ने बताया कि प्रस्तावित स्थल बस्ती के नजदीक स्थित है, जिससे क्षेत्र के गरीब एवं छोटे परिवारों को विवाह, मृत्यु भोज एवं अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा मिलेगी।पंचायत का आरोप है कि कुछ ग्रामीण अपने निजी फायदे के लिए जानबूझकर गलत शिकायतें कर प्रशासन को भ्रमित कर रहे हैं।सामुदायिक भवन का निर्माण पूरी तरह नियमों के तहत और ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। बिना तथ्य जाने की गई शिकायतें निंदनीय हैं। पंचायत विकास कार्यों से पीछे नहीं हटेगी।”
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