ग्राम पंचायत ने तहसील कार्यालय को अतिक्रमण हटाने लिखा पत्र, कार्रवाई की मांग तेज।

16 Feb, 2026 80 व्यूज
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नायक दर्पण/बालाघाट।
जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चरेगांव ने ग्राम क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए तहसील कार्यालय को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पंचायत द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि ग्राम के शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिससे न केवल आम रास्ता प्रभावित हो रहा है, बल्कि भविष्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कार्यालय चरेगांव से दिनांक 15 फरवरी 2026 को तहसीलदार, तहसील लामता के नाम पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में बताया गया है कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत खसरा नंबर 89 से संबंधित भूमि छोटे झाड का जंगल है, जो राजस्व अभिलेखों में शासकीय दर्ज है, पर संतोष कुमार पारधी चरेगांव निवासी द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण कर निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। पंचायत ने यह भी उल्लेख किया है कि संबंधित व्यक्तियों को मौखिक रूप से कई बार समझाइश दी गई, लेकिन उन्होंने निर्माण कार्य बंद नहीं किया। पंचायत के अनुसार संबंधित भूमि सार्वजनिक उपयोग की है, जिसका उपयोग ग्रामीणों के आवागमन एवं अन्य सामुदायिक कार्यों के लिए किया जाता रहा है। यदि इस पर स्थायी निर्माण हो जाता है तो ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा। ग्रामवासियों ने भी इस विषय में पंचायत से शिकायत कर उचित कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद पंचायत ने विधिवत पत्राचार करते हुए तहसील प्रशासन को मामले से अवगत कराया। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि अतिक्रमण के कारण ग्राम की मूल संरचना प्रभावित हो रही है और भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। पंचायत ने तहसीलदार से अनुरोध किया है कि राजस्व अमले को मौके पर भेजकर सीमांकन कराया जाए तथा यदि अतिक्रमण पाया जाए तो नियमानुसार उसे तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए।
ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में शासकीय भूमि की सुरक्षा करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि समय रहते अतिक्रमण पर रोक नहीं लगाई गई तो अन्य लोग भी इस प्रकार के अवैध कब्जे करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं, जिससे शासन की भूमि धीरे-धीरे अतिक्रमण की भेंट चढ़ जाएगी। पंचायत ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी और आवश्यक हुआ तो उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की जाएगी।
ग्राम के कुछ जागरूक नागरिकों ने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण न केवल अवैध है, बल्कि यह पूरे गांव के हितों के विरुद्ध है। यदि प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करता है तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है। तहसील कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार पत्र प्राप्त हो गया है और संबंधित राजस्व निरीक्षक को प्राथमिक जांच के निर्देश दिए जा सकते हैं। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि भूमि पर वास्तविक स्थिति क्या है और किन–किन लोगों द्वारा कब्जा किया गया है।
फिलहाल ग्राम पंचायत चरेगांव द्वारा उठाया गया यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि तहसील प्रशासन इस मामले में कितनी शीघ्रता और गंभीरता से कार्रवाई करता है। ग्रामीणों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।