सड़क दुर्घटना में घायल बालक को समय पर अस्पताल पहुँचाने वाली 108 टीम का पुलिस ने किया सम्मान
23 Feb, 2026
39 व्यूज
नायक दर्पण/बालाघाट।
मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए सड़क दुर्घटना में घायल हुए 10 वर्षीय बालक को तत्परता से अस्पताल पहुँचाने वाले संजीवनी 108 एम्बुलेंस कर्मियों को बालाघाट पुलिस द्वारा सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह थाना खैरलांजी परिसर में आयोजित किया गया, जहाँ पुलिस अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में एम्बुलेंस टीम की सेवा भावना की सराहना की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना खैरलांजी अंतर्गत ग्राम सावरगांव निवासी 10 वर्षीय बालक प्रिंस बिसेन दिनांक 21 फरवरी 2026 को कक्षा 5वीं की परीक्षा देने स्कूल जा रहा था। इसी दौरान वह सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही संजीवनी 108 एम्बुलेंस सेवा की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और बिना समय गंवाए प्राथमिक उपचार देते हुए बालक को नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। चिकित्सकों के अनुसार समय पर उपचार मिलने से बालक की स्थिति में सुधार संभव हो सका।
थाना प्रभारी खैरलांजी उप निरीक्षक दीपक गौतम ने इस उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा में पदस्थ डॉ. गौरी शंकर पटले एवं श्री प्रवीण कावरे को प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं नागरिकों ने संजीवनी 108 टीम की त्वरित कार्रवाई, सेवा भावना और कर्तव्यनिष्ठा की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
सम्मान समारोह के दौरान थाना प्रभारी दीपक गौतम ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में ‘गोल्डन ऑवर’ का विशेष महत्व होता है। दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा घायल व्यक्ति के जीवन को बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि इस अवधि में घायल को उचित चिकित्सा सुविधा मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित ‘राहवीर योजना’ के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति को ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को मानवता के नाते आगे आकर घायलों की मदद करने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि संजीवनी 108 सेवा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्त माध्यम बन चुकी है। समय पर पहुँचकर जीवनरक्षक सहायता प्रदान करना इन कर्मियों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पुलिस प्रशासन ने भी आमजन से अपील की कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों की सहायता करने से न हिचकें, बल्कि तत्काल एम्बुलेंस सेवा को सूचित करें और मानवीय कर्तव्य निभाएँ। ऐसे सराहनीय कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं।
बालक प्रिंस बिसेन के परिजनों ने भी एम्बुलेंस टीम एवं पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। इस घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि समय पर की गई सहायता किसी भी जीवन को बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
शेयर करें
लिंक कॉपी हो गया!