भ्रष्टाचार की जांच में बवाल: सरपंच पर अभद्रता के आरोप, थाने में शिकायत। वीडियो में कैद हुआ पूरा ड्रामा।
08 Mar, 2026
210 व्यूज
नायक दर्पण/बालाघाट।
जिले के किरनापुर जनपद पंचायत अंतर्गत की ग्राम पंचायत देवगांव के कार्यालय में 7 मार्च 2026 को एक जांच के दौरान तनावपूर्ण माहौल बन गया। भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करने पहुंचे जनपद पंचायत के अधिकारियों के सामने ही शिकायतकर्ता के साथ सरपंच द्वारा कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज किया गया। इस घटना के बाद शिकायतकर्ता ने थाना किरनापुर में लिखित शिकायत दर्ज कर सरपंच के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवगांव में मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर जनपद पंचायत किरनापुर के अधिकारी जांच के लिए 7 मार्च को ग्राम पंचायत कार्यालय में पहुंचे थे। जांच दल टीम में किरनापुर जनपद पंचायत के अधिकारी भगवान सैयाम, कटरे और वी.एन. बिसेन शामिल थे। मौके पर ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक डाहटे भी उपस्थित थे। जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों और बिंदुओं पर चर्चा चल रही थी।
इसी बीच ग्राम पंचायत देवगांव के सरपंच लक्ष्मण बेले पंचयात कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि जांच प्रक्रिया के बीच ही उन्होंने शिकायतकर्ता पर आक्रामक रवैया अपनाया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। सरपंच द्वारा की गई कथित गाली-गलौज से कार्यालय का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और जांच कार्यवाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। घटना के दौरान शिकायतकर्ता ने मोबाइल कैमरे से पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड कर लिया। इस वीडियो में सरपंच का व्यवहार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जिसे अब महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वीडियो के आधार पर उन्होंने पुलिस थाना किरनापुर में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने सरपंच लक्ष्मण बेले के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही प्रशासन से भ्रष्टाचार की मूल शिकायत की निष्पक्ष जांच और सरपंच के व्यवहार पर भी जांच की अपील की है।
सूत्रों के अनुसार, सरपंच लक्ष्मण बेले का व्यवहार पहले से ही विवादास्पद रहा है। स्थानीय स्तर पर कई लोग उनके आक्रामक रवैये से असहज महसूस करते हैं। पंचायत के कुछ कर्मचारी और जनपद पंचायत के अधिकारी भी उनके साथ बातचीत में कठिनाई का सामना करने की बात कहते हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटना ग्रामीण स्तर पर पंचायती राज व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार की शिकायतें आम हैं। लेकिन जांच के दौरान सरपंच द्वारा शिकायतकर्ता के साथ दुर्व्यवहार की घटना ने मामले को नया आयाम दिया है। यदि निष्पक्ष जांच होती है तो भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ-साथ सरपंच के व्यवहार से जुड़े कई और तथ्य सामने आ सकते हैं।
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि मूल भ्रष्टाचार शिकायत की जांच जारी है। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत दर्ज कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। यदि वीडियो साक्ष्य मजबूत पाया गया तो सरपंच के खिलाफ अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। स्थानीय लोगों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और कई लोग इसे पंचायत स्तर की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता बताते हैं। यह घटना पंचायती राज संस्थाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनप्रतिनिधियों के आचरण के महत्व को एक बार फिर रेखांकित करती है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे मामले की दिशा तय करेंगे। अब सवाल है कि किरनापुर जनपद के अंतर्गत सरपंच ईमानदार है तो फिर जांच करते वक्त बौखलाहट और गाली गलौज शिकायतकर्ता से क्यों करते हैं।
शेयर करें
लिंक कॉपी हो गया!