एमपी पुलिस अभ्यर्थियों के लिए ग्राम पंचायत कनकी का बड़ा कदम, निःशुल्क सुविधाओं के साथ खोले द्वार
10 Mar, 2026
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नायक दर्पण/लालबर्रा।
जहाँ एक ओर सरकारी भर्तियों की आपाधापी में अभ्यर्थियों को ठहरने और बुनियादी सुविधाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ता है, वहीं बालाघाट जिले की जनपद पंचायत लालबर्रा की ग्राम पंचायत कनकी ने संवेदनशीलता और सेवा की एक नई इबारत लिखी है। ग्राम पंचायत कनकी के सरपंच दुर्गाप्रसाद पगरवार के नेतृत्व में पंचायत प्रशासन ने एमपी पुलिस कांस्टेबल, जीडी और एसएफ पदों की भर्ती परीक्षा के लिए आए अभ्यर्थियों के लिए पंचायत भवन में रहने, सोने और पीने का पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निःशुल्क प्रबंध किया है। इस पहल की चर्चा अब पूरे मध्य प्रदेश में हो रही है।
*भर्ती परीक्षा और पंचायत की भूमिका*
मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती के अंतर्गत शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) का आयोजन बालाघाट स्थित 36वीं बटालियन ग्राउंड, कनकी में किया जा रहा है। यह प्रक्रिया 23 फरवरी से शुरू हुई है और 14 मार्च तक अनवरत जारी रहेगी। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 7500 अभ्यर्थियों का चयन किया जाना है। फिजिकल टेस्ट में 800 मीटर की दौड़, 28.5 फीट गोला फेंक और 18.5 मीटर लंबी कूद जैसी कड़ी चुनौतियां शामिल हैं।
इन कठिन चुनौतियों का सामना करने के लिए अभ्यर्थियों का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अनिवार्य है। ऐसे में सरपंच दुर्गाप्रसाद पगरवार ने महसूस किया कि दूर-दराज के जिलों से आने वाले युवाओं को होटल या धर्मशालाओं के खर्च और अव्यवस्थाओं के कारण परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने पंचायत भवन को अभ्यर्थियों के लिए 'अस्थायी आश्रय स्थल' में तब्दील कर दिया।
*अतिथियों की तरह हो रहा स्वागत*
पंचायत भवन में ठहरने वाले अभ्यर्थियों के लिए उत्तम दर्जे की व्यवस्थाएं की गई हैं। यहाँ सोने के लिए बिस्तर, स्वच्छ पेयजल, नहाने के लिए उचित प्रबंध और बिजली-पंखों की समुचित व्यवस्था है। इतना ही नहीं, सुरक्षा के लिहाज से परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी रखी गई है।
सरपंच दुर्गाप्रसाद पगरवार का कहना है कि, "हमारी पंचायत का सौभाग्य है कि 36वीं बटालियन का ग्राउंड हमारे क्षेत्र में आता है। पिछले वर्ष भी हमने इसी तरह की व्यवस्था की थी। प्रदेश के अलग-अलग कोनों से आने वाले बच्चे हमारे प्रदेश का भविष्य हैं। उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह हमारा नैतिक दायित्व है। हम उन्हें निःशुल्क आवास और बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं ताकि वे अपना पूरा ध्यान अपनी परीक्षा पर केंद्रित कर सकें।"
*प्रदेश भर से पहुँच रहे युवा*
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे छतरपुर, टीकमगढ़, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, इंदौर, दतिया और सागर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुँच रहे हैं। पंचायत के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 50 से 60 अभ्यर्थी यहाँ रुक रहे हैं।
सागर जिले से आए एक अभ्यर्थी के दादा, राजेंद्र सिंह राजपूत ने भावुक होते हुए बताया, "हम अपने नाती का इंटरव्यू और फिजिकल दिलाने आए हैं। यहाँ आकर जो व्यवस्था देखी, वह वाकई काबिले-तारीफ है। सरपंच जी ने जो निःशुल्क सेवा शुरू की है, उसके लिए हम उन्हें लख-लख बधाई देते हैं। आज के समय में ऐसी निस्वार्थ सेवा कम ही देखने को मिलती है।" इसी प्रकार उमरिया जिले के अभ्यर्थी सानू सिंह रघुवंशी ने भी पंचायत द्वारा दी जा रही सुविधाओं की सराहना करते हुए इसे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत बताया।
*सरपंच की पहल की चहुँओर प्रशंसा*
ग्राम पंचायत कनकी के युवा सरपंच दुर्गा प्रसाद पगरवार की यह पहल केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि 'अतिथि देवो भव' की भारतीय संस्कृति का जीवंत उदाहरण है। जब एक जनप्रतिनिधि अपने अधिकारों और संसाधनों का उपयोग समाज की भलाई के लिए करता है, तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। कनकी पंचायत ने न केवल अभ्यर्थियों की आर्थिक मदद की है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण देकर उनके मनोबल को भी बढ़ाया है।
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