धन कुबेर’ बना सचिव शासन का पैसा निजी फायदा...सरकारी संसाधन बेकार बाहर खर्च बेहिसाब... चार गुना दर पर खर्च कौन खा रहा कमीशन...?जिम्मेदारों की चुप्पी से बढ़ा भ्रष्टाचार...!

17 Mar, 2026 796 व्यूज
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बरघाट/सिवनी नायक दर्पण

जनपद पंचायत बरघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत केसला कला में सरपंच सचिव के अनियमितताएं कारनामे अखबारों की सुर्खियों में रहने के बाद जिला पंचायत सिवनी और जनपद पंचायत बरघाट द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जाने से
पारदर्शिता की धज्जियां उड़ाने में सचिव सुरेन्द्र जयसवाल की मनमानी पर वृद्धि होना जारी है

ग्राम पंचायत में उपलब्ध कम्प्यूटर और प्रिंटर सरकारी संसाधनों के बावजूद बाहर से महंगे दरों पर फोटोकॉपी कराए जाता है सरकारी राशि से खरीदे गए उपकरण मौजूद हैं तो फिर बाहरी दुकानों से चार गुना दर पर फोटोकॉपी के बिल कराने की क्या आवश्यकता है...? इसे सीधे-सीधे शासन के पैसे की बर्बादी करते हुए अपनी झोली में भरने का जरिया बना लिया गया है।

यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि एक सुनियोजित तरीका है सरकारी धन का दुरुपयोग कर निजी लाभ कमाया जा रहा है। पंचायत में उपलब्ध संसाधनों को जानबूझकर नजरअंदाज कर बाहर से काम कराना पारदर्शिता की मटियामेट की जा रही है

इन भुगतानों पर न केवल सवाल उठ रहे हैं बल्कि बरघाट जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। बिना उच्च स्तर की जानकारी और स्वीकृति के इस तरह के भुगतान संभव नहीं हैं यह पूरा मामला कमीशनखोरी के तरफ ईशारा करता है। जहां नीचे से ऊपर तक हिस्सेदारी का खेल चल रहा हो।

सूत्रों अनुसार पंचायत में फोटो कापी के लिए प्रिंटर है ओर सब कार्य उसी से होते पर सचिव अपनी तिजोरी भरने के लिए सोची समझी चालकी से बाहर के नाम से बिल लगा कर भुगतान कर अपना फायदा कर रहा है।

सरकारी सुविधा बेकार निजी फोटोकॉपी दुकानों को फायदा फर्जी खर्चो का खेल या सिस्टम की मिलीभगत..?कमीशनखोरी की बू क्या ऊपर तक जा रही हिस्सेदारी..?सरकारी खजाने पर ‘चुपचाप वार’, जवाबदेही से दूर अधिकारी.. पंचायत से जनपद तक फैला ‘खर्च का जाल’