रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय परसवाड़ा में दो दिवसीय ट्राइबल आर्ट पेंटिंग कार्यशाला संपन्न

15 Jan, 2026 16 व्यूज
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नायक दर्पण /बालाघाट।रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय, परसवाड़ा (जिला बालाघाट) में पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम एवं मिशन लाइफ के अंतर्गत इको क्लब द्वारा ट्राइबल आर्ट पेंटिंग की दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 12 एवं 13 जनवरी 2026 को सफलतापूर्वक किया गया। कार्यशाला में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध कलाकार श्री मनोज गड़पाल (बिंदु शैली आर्ट्स) एवं श्री संजय पंचेश्वर (गोंड पेंटिंग आर्ट) ने विद्यार्थियों को जनजातीय कला की बारीकियों से अवगत कराया और अपने अनुभव साझा किए। दोनों कलाकारों ने प्रतिभागियों को पारंपरिक ट्राइबल आर्ट की तकनीक, रंग संयोजन और प्रकृति से जुड़ी प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एल. एल. घोरमारे ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने ट्राइबल आर्ट की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनजातीय कला हमारी लोक परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना को दर्शाती है। इस अवसर पर आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. ए. के. वैद्य ने इको क्लब के माध्यम से आयोजित इस कार्यशाला के शैक्षणिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों की सृजनात्मकता एवं सांस्कृतिक समझ को विकसित करते हैं। वहीं इको क्लब प्रभारी डॉ. जयश्री सूर्यवंशी ने युवाओं में पर्यावरण संरक्षण और जनजातीय कला के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए सभी मंचासीन अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. शोभा शर्मा द्वारा किया गया, जिन्होंने ट्राइबल आर्ट की विभिन्न शैलियों और उनके सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। इस आयोजन में श्री डी. आर. मरावी, श्री संदेश राय, नितिश गौतम एवं राजा तिवारी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यशाला में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने ट्राइबल आर्ट पेंटिंग के माध्यम से न केवल अपनी कला प्रतिभा को निखारा, बल्कि जनजातीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी गहरी समझ विकसित की।