33 लाख का पेपर घोटाला...फर्जी खातों से परिवार तक पहुंची सरकारी रकम...मुख्य आरोपी सलाखों के पीछे..!

29 Mar, 2026 756 व्यूज
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नैनपुर/मंडला नायक दर्पण


नैनपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में 33 लाख 61 हजार रुपये के बड़े घोटाले ने पूरे शिक्षा विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों तक पर्दे के पीछे खेला गया यह फर्जीवाड़ा अब उजागर हो चुका है और पुलिस ने आखिरकार मुख्य आरोपी लेखापाल सुरेश कुमार तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले में पूर्व BEO छोटेलाल पटेल को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि घोटाले की जड़ें काफी गहरी थीं।

जांच में सामने आया कि 2018 से 2022 के बीच आरोपी ने कोषालय की ई-भुगतान प्रणाली का दुरुपयोग कर सुनियोजित तरीके से सरकारी राशि का गबन किया।
सातवें वेतनमान के एरियर में हेरफेर स्थानांतरित शिक्षकों के वेतन में गड़बड़ी यहां तक कि मृत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम पर भी भुगतान एक ही व्यक्ति के नाम पर दो-दो बैंक खाते खुलवाकर रकम को सीधे अपने, पत्नी और बेटी के खातों में ट्रांसफर किया गया।
करीब 65 कर्मचारियों की राशि प्रभावित हुई, जबकि 10-12 मामलों में सीधे फर्जी भुगतान की पुष्टि हुई है।
कोष एवं लेखा विभाग के सर्वर से मामला पकड़ में आया जिसके बाद जबलपुर से आई टीम ने 3 महीने तक जांच की।11 अगस्त को थाना नैनपुर में FIR दर्ज हुई थी और अब जाकर मुख्य आरोपी गिरफ्त में आया है।
दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की तैयारी है। वहीं आरोपी की पत्नी और बेटी को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
नैनपुर एसडीओपी मनीष राज ने पूरे मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि आगे भी जांच जारी है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

जब शिक्षा जैसे पवित्र विभाग में ही भ्रष्टाचार का जाल फैल जाए तो भरोसा आखिर किस पर किया जाए..!