करोड़ों की सड़क में ‘तकनीकी डकैती’! 24 घंटे में दरकी सीसी रोड, बिना प्लांट बना रहा ठेकेदार मोहगांवखुर्द-कुंडे मार्ग में BOQ की धज्जियां, घटिया निर्माण पर भड़के ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से लेकर PMO तक पहुंची शिकायत
15 Apr, 2026
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(विशेष संवाददाता)
नायक दर्पण/बालाघाट।
शर्म की सारी हदें पार! विकास के नाम पर जनता का खून चूसने वाला घोटाला अब खुलेआम सड़क पर उतर आया है। मोहगांवखुर्द से कुंडे तक बन रही 3.60 किमी लंबी सीसी रोड अभी जमीन छू भी नहीं पाई कि भ्रष्टाचार की ज़हर भरी दरारें फट पड़ीं। महज 24 घंटे में सड़क की हालत ऐसी हो गई कि देखकर आँखें फट जाती हैं। यह कोई मामूली प्रोजेक्ट नहीं करोड़ों रुपये के सरकारी खजाने का खुला कत्ल है। ठेकेदार और भ्रष्ट PWD अधिकारियों की मिलीभगत ने पूरे विभाग को शर्मसार कर दिया है।
शिकायतकर्ता राजा उत्कर्ष शुक्ला ने प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री, PWD मंत्री और तमाम उच्च अधिकारियों को आग उगलती शिकायत भेजकर खुलासा किया है कि स्वीकृत BOQ और BIS के सारे तकनीकी मानकों को ठेकेदार ने कुचलकर रख दिया है। सबसे घिनौना और बेशर्म घोटाला यह है कि M-40 ग्रेड कंक्रीट जो केवल ऑटोमैटिक बैचिंग प्लांट में बन सकता है ठेकेदार खुले में मैन्युअल मिक्सिंग कर रहा है। मौके पर प्लांट का नाम-निशान तक नहीं। विशेषज्ञ की माने तो ऐसा घटिया कंक्रीट अपनी असली ताकत से 50-60 प्रतिशत कमजोर होता है। यानी पहली बारिश में यह सड़क पानी में घुलकर गायब हो जाएगी।
जमीन पर हालात और भी भयावह हैं। सड़क का बेस इतना पतला और बेकार है कि कई जगह निर्धारित मोटाई से आधा भी नहीं पाया गया। कंपैक्शन की प्रक्रिया का तो जिक्र तक नहीं स्थिति इतनी शोचनीय है कि सड़क पर पैर रखते ही सतह उखड़ने लगती है। मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर तो दूर, साइकिल चलाना भी जान जोखिम में है। यह गुणवत्ता नहीं, ठेकेदार की जेब में पैसे ठूंसने का खुला सिलसिला है।
ग्रामीणों को सबसे गुस्सा दिलाने वाली बात सड़क में आई दरारों को ठीक करने की बजाय ठेकेदार उन्हें सस्ती सीमेंट ग्राउटिंग से पोत-पोतकर छिपा रहा है। यह तकनीकी धोखाधड़ी नहीं, सबूत मिटाने का खुला आपराध है। और तो और सड़क के ठीक बीचों-बीच बिजली के पोल खड़े हैं। इन्हें हटाने की तकलीफ तक नहीं उठाई गई। जब भारी कृषि वाहन गुजरेंगे तो हादसा तय है। ग्रामीण जब गुणवत्ता पर सवाल उठाते हैं तो ठेकेदार गाली-गलौज पर उतर आता है और ऊपर तक मेरी पहुंच है की धमकी देता है। मौके पर कोई जिम्मेदार इंजीनियर नदारद साफ जाहिर है कि ठेकेदार और विभागीय अधिकारी दोनों एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं।
राजा उत्कर्ष शुक्ला ने सख्त मांग की है निर्माण कार्य तुरंत रोक दिया जाए ठेकेदार के सारे भुगतान फ्रीज कर दिए जाएं थर्ड पार्टी जांच एजेंसी से सख्त गुणवत्ता जांच कराई जाए वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में संयुक्त निरीक्षण हो
दोषी ठेकेदार और अधिकारियों को ब्लैकलिस्ट कर सख्त सजा दी जाए शिकायतकर्ता ने साफ चेतावनी दी अगर प्रशासन ने आँखें मूंदी रही तो मामला उच्च न्यायालय में जाएगा और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत ठेकेदार व मिलीभगत करने वाले भ्रष्ट इंजीनियरों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा। यह सड़क जनता की सुविधा के लिए बन रही है या भ्रष्टाचारियों की जेब भरने का नया अड्डा? अगर यही हाल रहा तो मोहगांवखुर्द-कुंडे की यह सीसी रोड बनने से पहले ही भ्रष्टाचार का काला स्मारक और जनता के टैक्स का कब्रिस्तान बन जाएगी।
अब सवाल सरकार और PWD विभाग से है क्या आप इस घोटाले को बचाएंगे या जनता के टैक्स के लुटेरों को सलाखों के पीछे भेजेंगे? जनता अब चुप नहीं रहेगी। विकास का नाम लेकर लूट मचाने वालों को अब जवाबदेह बनाया जाएगा।
टैक्स चोर ठेकेदारों और भ्रष्ट अधिकारियों का यह खेल कब तक चलेगा? जनता पूछ रही है विकास या डकैती?
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