नर्मदा परिक्रमा वासियों की सेवा में मिसाल बना संस्कार केंटीन...नर्मदा परिक्रमा पथ पर मानव सेवा का जीवंत उदाहरण
17 Jan, 2026
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घंसौर।सिवनी नायक दर्पण
पतित पावनी मां नर्मदा की परिक्रमा को सनातन परंपरा में विशेष पुण्यदायी माना गया है। यह सौभाग्य हर किसी को प्राप्त नहीं होता, लेकिन जो भक्त इस कठिन तपस्या को पूर्ण करता है, उसे और उसकी आने वाली पीढ़ियों को भी पुण्य लाभ मिलता है। ऐसे में नर्मदा परिक्रमा वासियों की सेवा करना भी उतना ही बड़ा पुण्य कार्य माना जाता है।
तहसील मुख्यालय घंसौर नर्मदा परिक्रमा पथ पर स्थित होने के कारण यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में परिक्रमा वासी गुजरते हैं। कोई पैदल तो कोई अपने-अपने साधनों से मां नर्मदा की परिक्रमा करता हुआ इस पथ से आगे बढ़ता है। घंसौर में श्रद्धालुओं द्वारा परिक्रमा वासियों की सेवा की समृद्ध परंपरा देखने को मिलती है। खैरमाई मंदिर में पूरे वर्ष विश्राम एवं भोजन प्रसादी की व्यवस्था रहती है, जहां सेवा भाव से लोग लगातार जुड़े रहते हैं।
इसी सेवा श्रृंखला में घंसौर अस्पताल के सामने स्थित संस्कार केंटीन भी एक अहम नाम बनकर उभरा है। केंटीन संचालक राकेश यादव एवं उनका पूरा परिवार वर्षों से नर्मदा परिक्रमा वासियों की निस्वार्थ सेवा में जुटा हुआ है। मुख्य मार्ग पर दुकान होने के कारण यहां से गुजरने वाले परिक्रमा वासियों को यथासंभव सहायता, भोजन एवं सहयोग प्रदान किया जाता है।
राकेश यादव का कहना है कि “नर्मदा परिक्रमा एक कठिन तप है और इस तप के पथिकों की सेवा करना हमारे लिए किसी बड़े पुण्य अर्जन से कम नहीं है।” उनका यह सेवा भाव क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
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