रेत माफिया बेखौफ जिम्मेदार खामोश आखिर किसके संरक्षण में चल रहा खेल...नदी से दिन-रात रेत निकासी शासन को राजस्व हानि... बापड़ी में ट्रैक्टर दौड़ रहे हैं और जिम्मेदार विभाग शायद अभी भी सूचना का इंतजार कर रहे हैं...!

15 Jun, 2026 180 व्यूज
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बालाघाट | नायक दर्पण

बालाघाट जिले की लांजी तहसील अंतर्गत बापड़ी क्षेत्र में इन दिनों कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि नदी से प्रतिदिन सुबह और देर रात ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत निकाली जा रही है जिससे शासन को राजस्व की हानि पहुंच रही है और पर्यावरणीय संतुलन पर भी खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत खनन का सिलसिला जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी घाटों से लगातार रेत निकाली जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि रेत से भरे प्रत्येक ट्रैक्टर से कथित रूप से लगभग 200 रुपये तक की वसूली की जा रही है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बाहरी गांवों के ट्रैक्टरों को रेत भरने से रोका जाता है जबकि स्थानीय स्तर पर निकाली गई रेत अन्य क्षेत्रों में भेजी जा रही है। इससे क्षेत्र में असंतोष का माहौल बनता जा रहा है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों, खनिज अमले और पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो नदी के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान पहुंच सकता है तथा भविष्य में जल संकट जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हुए अवैध रेत उत्खनन पर अंकुश लगाने के लिए क्या कदम उठाता है।