फर्जी हाजिरी असली भ्रष्टाचार सुदूर सड़क पर सरपंच-सचिव-उपयंत्री की मिलीभगत,जांच की मांग।
17 Jan, 2026
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नायक दर्पण/किरनापुर।
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सरकार भ्रष्टाचार रोकने को मनरेगा और सुदूर सड़क योजनाओं में डिजिटल हाजिरी NMMS और सख्त निगरानी लागू कर रही है, ऐसा ही एक मामला किरनापुर जनपद की ग्राम पंचायत मडकापार में सरपंच,सचिव,रोजगार सहायक और उपयंत्री ने नियमों को ठेंगा दिखाते हुए मजदूरों की जगह जेसीबी से काम कराकर शासन की पारदर्शिता मुहिम की खुलेआम धज्जियां उड़ा दीं है। जहां मनरेगा को VB-G RAM G (विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन) का नया नाम दिया गया ताकि रोजगार में ईमानदारी आए मगर ग्राम पंचयात मडकापार में यह योजना भी पुराने भ्रष्ट ढर्रे पर दौड़ती नजर आई है। मिली जानकारी अनुसार कपूरचंद के घर से हाउसिंगटोली तक 1800 मीटर सुदूर सड़क इस समय भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुकी है। इस योजना में करीब 18 लाख रुपये की लागत बताई जा रही है, जिसमें 6 लाख रुपये श्रमिक मद के हैं। लेकिन हकीकत यह है कि फर्जी हाजरी लग रही है और मौके पर जेसीबी गरज रही है। यानी सरपंच, सचिव,रोजगार सहायक और उपयंत्री ने फर्जी मस्टरोल भरकर मजदूरी की रकम मशीनों के सहारे हजम की जा रही है। सुदूर सडक में मशीनों से काम के वीडियो तस्वीरें वायरल होने के बाद पंचायत मडकापार की पोल खुल गई। सवाल गूंज रहा है जब सरकार नियम बदलकर भ्रष्टाचार रोक रही है तो पंचायत में बैठे जिम्मेदारों की नीयत क्यों नहीं बदल रही?
जब हमारी टीम ने इंजीनियर से दूरभाष पर संपर्क कर बयान लिया गया तो मामले में इंजीनियर दिनेश लिलहारे का कथित बयान और भी चौंकाने वाला है कहा गया कि किसान ने अपनी निजी राशि से जेसीबी चलवाई। अब सवाल है क्या शासकीय योजना में निजी जेसीबी चल सकती है? क्या किसी किसान के पास इतनी राशि है कि वह सरकारी सुदूर सड़क पर मशीन चला दे? क्या यह बयान जांच से बचाने की कोशिश नहीं? जब सरकार जीरो टॉलरेंस की बात करती है, तो मडकापार में यह हिम्मत कहाँ से आई? क्या सरपंच,सचिव और उपयंत्री को ऊपर से संरक्षण किसका मिला हुआ है? ग्रामीणों ने नाम ना छापने के सर्त में कहना है कि सुदूर सड़क का मकसद ग्रामीणों को रोजगार देना था, न कि मशीनरी से पैसे निकालना वे तत्काल जांच, दोषियों पर FIR और वसूली की मांग कर रहे हैं। मडकापार में सरपंच,सचिव और उपयंत्री की जुगलबंदी ने विकसित भारत को मशीनरी भारत बना दिया है। अब देखना है क्या जांच सिर्फ बयान तक सीमित रहेगी या कठोर कार्रवाई कर भ्रष्टाचार पर सचमुच बुलडोजर चलेगा?
इनका कहना है
मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। यदि इस तरह से कार्य कराया गया है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
रामगोपाल यादव, सीईओ जनपद पंचायत किरनापुर
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