परसवाड़ा बीआरसी घोटाला: दो साल बीत गए जांच का नामोनिशान नहीं भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी? पूर्व बीआरसी लालचंद गौतम पर संरक्षण का साया?

18 Jan, 2026 58 व्यूज
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नायक दर्पण/बालाघाट।
शिक्षा विभाग की साख पर बट्टा लगाने वाला परसवाड़ा विकासखंड का बीआरसी घोटाला आज भी जांच की बाट जोह रहा है। पूर्व बीआरसी लालचंद गौतम पर लाखों रुपये के भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हुए हैं, लेकिन जिला शिक्षा केंद्र बालाघाट द्वारा 1 जुलाई 2024 को जारी पत्र क्रमांक 023 के स्पष्ट निर्देशों की धज्जियां उड़ रही हैं। उस पत्र में साफ-साफ आदेश दिया गया था कि शिकायतों की जांच कर तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश की जाए। लेकिन दो साल गुजर चुके हैं और जांच का एक कागज तक हिल नहीं सका। क्या यह सरकारी तंत्र की नाकामी है या ऊपरी स्तर पर सांठगांठ का खेल? जनता पूछ रही है भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने की यह साजिश कब तक चलेगी?
लालचंद गौतम जो जनपद शिक्षा केंद्र परसवाड़ा में पदस्थ पूर्व बीआरसी थे, उन पर अनियमितताओं की शिकायतों का ढेर लगा हुआ है। समाचार प्रकाशन के बाद उन्होंने डीपीसी को पत्र लिखकर बीआरसी का प्रभार लेने से इनकार कर दिया,लेकिन इससे क्या फर्क पड़ा? आरोपों की जांच तो अब भी ठंडे बस्ते में है। शिकायतें लगातार मिली लाखों रुपये हड़पने से लेकर पद का दुरुपयोग तक लेकिन जांच कमेटी कहां है? कौन जिम्मेदार है इस लापरवाही का? पूर्व राज्य मंत्री रामकिशोर कावरे ने तो लिखित पत्र से जांच की मांग की थी, लेकिन वह भी कागजों की धूल चाट रहा है। क्या मंत्री की आवाज भी यहां बेअसर है? यह सिर्फ एक अधिकारी का मामला नहीं बल्कि पूरे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कलंक है। जहां फाइलें वर्षों से दफ्तरों में सड़ रही हैं, वहां ईमानदार शिक्षक और छात्र कैसे उम्मीद करेंगे? अगर गौतम जैसे लोगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह साफ संदेश जाएगा कि यहां कानून नहीं बल्कि रसूख और रिश्वत चलती है। भ्रष्टाचार की यह जड़ें कितनी गहरी हैं कि दो साल में जांच का एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सका? क्या ऊपरी अधिकारी सोए हुए हैं या जानबूझकर आंखें मूंदे हैं?
नायक दर्पण की टीम इस घोटाले की परतें उधेड़ने को तैयार है। अगले अंक में हम खुलासा करेंगे कि कैसे लालचंद गौतम ने बीआरसी पद के आड़ में भ्रष्टाचार कर लाखों रुपये हजम किए। लेकिन सवाल यही है जांच क्यों नहीं हो रही? क्या बालाघाट शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है? जनता मांग कर रही है तत्काल निष्पक्ष जांच हो,दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो,वरना यह लापरवाही पूरे सिस्टम को खोखला कर देगी। समय आ गया है कि सरकारी कुर्सियां हिलें और भ्रष्टाचार की दीमक साफ हो!