टालमटोल की भेंट चढ़ा नवजात '2-3 घंटे रुकिए' कहते-कहते सूनी हुई माँ की गोद...स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही समय पर रेफर नहीं करने का आरोप...!

22 Jul, 2026 71 व्यूज
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धनौरा/ सिवनी नायक दर्पण

मध्य प्रदेश शासन भले ही ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रहा हो लेकिन धरातल पर दावों की हकीकत कुछ और ही बयाँ कर रही है। सिवनी जिले के धनोरा विकासखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था और संवेदनहीनता का बोलबाला इस कदर हावी है कि अब मासूमों की जान पर बन आई है। धनोरा में समय पर इलाज और सही फैसला न लिए जाने के कारण एक नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है।

​मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कोंडरा निवासी चमन सिंह इनवाती अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर उम्मीद के साथ धनोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुँचे थे। परिजनों का गंभीर आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य अमले ने स्थिति की गंभीरता को पूरी तरह नजरअंदाज़ किया। जब भी परिजन डॉक्टर या स्टाफ से गुहार लगाते उन्हें सिर्फ दो घंटे रुकिए,तीन घंटे रुकिए कहकर टाल दिया जाता रहा।

परिजन का कहना है कि जब मामला सामान्य प्रसव से बाहर हो रहा था तब समय रहते महिला को किसी बड़े/उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर क्यों नहीं किया गया अस्पताल प्रबंधन की इसी लेटलतीफी के कारण प्रसव के दौरान नवजात ने दम तोड़ दिया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. आर.जे. प्रसाद ने बताया कि प्रसव के दौरान महिला पर्याप्त प्रयास नहीं कर सकी, जिसके कारण बच्चा मृत पैदा हुआ।घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय पर उचित चिकित्सकीय निर्णय लेकर आवश्यक उपचार या रेफर की व्यवस्था की जाती, तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।

आपातकालीन सेवाओं और रेफरल सिस्टम में तत्काल सुधार किया जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ न टूटे।