प्रदेशभर में पटवारियों की बस्ताबंद हड़ताल...जिलों के पटवारी भी आंदोलन में डटे...राजस्व मंत्री से पहली ही बैठक में सकारात्मक संकेत...

05 Aug, 2026 97 व्यूज
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भोपाल नायक दर्पण

वर्षों से लंबित मांगों के समाधान की उम्मीद लेकर मध्यप्रदेश के पटवारी अब आंदोलन के मैदान में उतर आए हैं। 3 अगस्त से शुरू हुई प्रदेशव्यापी बस्ताबंद हड़ताल के पहले ही दिन सरकार और पटवारी संघ के बीच बातचीत हुई, जिसमें सकारात्मक संकेत तो मिले लेकिन फिलहाल हड़ताल जारी है। अब सबकी नजर मुख्यमंत्री के फैसले पर टिकी है।

वीओ-1:----------
मध्यप्रदेश पटवारी संघ अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर में बस्ताबंद हड़ताल पर है। आंदोलन के पहले दिन राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा से संघ के प्रतिनिधिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक हुई। मंत्री ने मांगों को गंभीरता से मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का भरोसा दिया जिससे पटवारियों में उम्मीद तो जगी है लेकिन जब तक ठोस निर्णय नहीं होता आंदोलन जारी रहेगा।

वीओ-2:---------
संघ का कहना है कि सबसे अहम मांग कैडर रिव्यू, समयमान वेतनमान की विसंगति का निराकरण और पदोन्नति व्यवस्था लागू करना है जो करीब 25 वर्षों से लंबित है। इसके अलावा जजेस प्रोटेक्शन एक्ट का संरक्षण संघ पदाधिकारियों के विवादित तबादलों को निरस्त करना विभिन्न विभागों की योजनाओं का लंबित मानदेय भुगतान और नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा शीघ्र कराने की मांग भी प्रमुख है।

वीओ-3:-------
संघ ने बताया कि शासन ने बिना प्रारंभिक जांच पटवारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने और लंबित मानदेय के भुगतान जैसे कुछ सकारात्मक कदम उठाए हैं। हालांकि प्रदेशाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह बघेल का कहना है कि जब तक कैडर रिव्यू लागू नहीं होता तब तक पटवारियों की मूल समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।
वीओ-4:----------
जबलपुर संभाग के सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर और कटनी सहित कई जिलों के पटवारी भी आंदोलन में पूरी मजबूती से शामिल हैं। आंदोलन स्थलों पर बड़ी संख्या में पटवारी अपनी मांगों के समर्थन में डटे हुए हैं।

आउट्रो:------------
अब देखना होगा कि सरकार आश्वासनों से आगे बढ़कर वर्षों से लंबित इन मांगों पर कब तक अंतिम फैसला लेती है। फिलहाल प्रदेशभर में बस्ताबंद हड़ताल जारी है और राजस्व विभाग का कामकाज भी प्रभावित होने लगा है।