किसके संरक्षण में हो रहा निर्माण...?कम बजट के नाम पर लीपापोती या जिम्मेदारों की मिलीभगत.. ? बिना इंजीनियर, बिना लेआउट और बिना सूचना पटल शुरू हुआ स्कूल भवन निर्माण...!

08 Aug, 2026 441 व्यूज
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सिवनी नायक दर्पण


शहर में स्कूल भवन निर्माण में लापरवाही की शुरुआत निर्माण कार्य बिना इंजीनियर की निगरानी, बिना स्वीकृत लेआउट और बिना सूचना पटल लगाए शुरू कर दिया गया है। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता, लागत और नियमों के पालन को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

किसी भी शासकीय स्कूल भवन जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्य में स्वीकृत नक्शा, तकनीकी मार्गदर्शन, निर्माण एजेंसी की जानकारी, लागत, कार्य प्रारंभ एवं पूर्णता अवधि सहित आवश्यक विवरण सार्वजनिक होना चाहिए, ताकि आमजन भी निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर नजर रख सके। लेकिन यहां निर्माण शुरू होने के बावजूद सूचना पटल तक नहीं लगाया गया जिससे पूरी प्रक्रिया सवालों के घेरे में है।

क्या निर्माण कार्य स्थल पर तकनीकी अधिकारी अथवा इंजीनियर की नियमित निगरानी हो रही है..? यदि निर्माण नियमों के अनुसार किया जा रहा है तो संबंधित एजेंसी को लेआउट, तकनीकी स्वीकृति और सूचना पटल सार्वजनिक करने में आखिर परेशानी क्यों है...?

कहीं कम बजट का हवाला देकर निर्माण सामग्री और गुणवत्ता में कटौती तो नहीं की जा रही। स्कूल भवन महज एक इमारत नहीं बल्कि बच्चों के भविष्य और उनकी सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्माण है। ऐसे में निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में विद्यार्थियों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।

यदि नियमों का पालन किया जा रहा है तो निर्माण स्थल पर पूरी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई...? क्या संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर निरीक्षण कर रहे हैं..? निर्माण एजेंसी को किसके निर्देश पर काम शुरू करने की अनुमति मिली...?

जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माण स्थल का तकनीकी निरीक्षण कराकर स्वीकृत लेआउट, निर्माण एजेंसी, लागत, गुणवत्ता मानकों और इंजीनियर की निगरानी की स्थिति सार्वजनिक की जाए। साथ ही यदि नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए ताकि स्कूल भवन निर्माण में किसी भी तरह की लीपापोती की संभावना समाप्त हो और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ न हो।