पहले हटाए गए टपरे...रकबा नंबर 359 की सरकारी जमीन पर चबूतरा निर्माण...किसके आदेश से हो रहा...!
08 Aug, 2026
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घंसौर/सिवनी नायक दर्पण
नगर में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और उनके उपयोग को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। घंसौर के रकबा नंबर 359 की सरकारी भूमि पर चबूतरा निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान से पूर्व में प्रशासन ने अस्थायी टपरों को हटाने की कार्रवाई की थी, उसी स्थान पर अब ग्राम पंचायत द्वारा चबूतरा निर्माण कराया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, उक्त भूमि पर पहले अस्थायी टपरे बने हुए थे। तहसीलदार की कार्रवाई के बाद इन्हें हटाया गया था। अब उसी स्थान पर पुलिस की मौजूदगी में चबूतरा निर्माण शुरू होने से सवाल उठ रहा है कि सरकारी भूमि पर यह निर्माण किस सक्षम अधिकारी की अनुमति से कराया जा रहा है।
ग्राम पंचायत के उपसरपंच द्वारा निर्माण अनुविभागीय अधिकारी के आदेश पर कराया जाना बताया जा रहा है। हालांकि ग्रामीणों का सवाल है कि यदि ऐसा कोई आदेश जारी हुआ है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? निर्माण की स्वीकृति, भूमि उपयोग की अनुमति और निर्माण में खर्च होने वाली राशि का स्पष्ट विवरण सामने लाने की मांग भी की गई है।
प्रतिमा स्थापना को लेकर पहले भी हुआ था विवाद
बताया जाता है कि इसी भूमि पर प्रतिमा स्थापना को लेकर पूर्व में दो पक्षों के बीच मतभेद सामने आए थे। लखनादौन विधायक योगेंद्र सिंह बाबा द्वारा यादव समाज को गाय-बछड़े की प्रतिमा तथा आदिवासी समाज को भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा दिए जाने के बाद स्थापना स्थल को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। अब इसी स्थान पर चबूतरा निर्माण शुरू होने से मामला और गरमा गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी दिया जा रहा हवाला
ग्रामीण वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सार्वजनिक एवं सरकारी भूमि पर धार्मिक संरचनाओं और प्रतिमाओं को लेकर दिए गए निर्देशों का हवाला देते हुए निर्माण की वैधानिकता पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि भूमि सरकारी है तो उसके उपयोग और निर्माण के लिए सक्षम प्राधिकारी की स्पष्ट अनुमति आवश्यक है।
कलेक्टर से जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से रकबा नंबर 359 का राजस्व रिकॉर्ड सार्वजनिक करने, निर्माण की अनुमति देने वाले अधिकारी और आदेश की जानकारी सामने लाने तथा निर्माण में खर्च होने वाली राशि की जांच कराने की मांग की है। साथ ही घंसौर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर चबूतरों और प्रतिमाओं की आड़ में अतिक्रमण की शिकायतों की भी जांच की मांग की गई है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में जांच कर निर्माण की वैधानिकता और आदेश की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करता है या नहीं।
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