रक्षाबंधन पर रिश्तों में दिखा स्नेह के साथ साहित्य का रंग छोटे-छोटे उपहारों में बड़ी भावनाओं की झलक...!

31 Aug, 2026 40 व्यूज
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सिवनी/उगली नायक दर्पण

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुखी एवं सुरक्षित जीवन की कामना करती हैं, वहीं भाई भी उपहार देकर अपना प्यार जताते हैं। इस बार रक्षाबंधन पर नन्हे रिषभ और उसकी बहन धैर्या के बीच स्नेह के ऐसे खूबसूरत पल देखने को मिले, जिन्होंने पर्व की खुशियों को और खास बना दिया।
रक्षाबंधन के अवसर पर रिषभ की बुआ ने उसकी कलाई पर राखी बांधी और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके बाद रिषभ ने अपनी बुआ को उपहार स्वरूप ‘फटी हथेलियां’ नामक पुस्तक भेंट की। राखी के बदले किताब का यह अनोखा उपहार रिश्ते में साहित्य और संवेदनाओं का रंग घोल गया। पुस्तक पाकर बुआ के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई।
रिषभ का यह छोटा-सा प्रयास संदेश देता है कि उपहार की कीमत से कहीं अधिक उसके पीछे छिपी भावना मायने रखती है। बुआ को भेंट की गई यह पुस्तक इस आत्मीय रिश्ते की खूबसूरत याद को लंबे समय तक संजोए रखेगी।
वहीं नन्ही धैर्या ने भी अपने भैया रिषभ के प्रति प्यार जताते हुए उन्हें पानी की बोतल उपहार में दी। धैर्या का यह मासूम तोहफा पाकर रिषभ भी खुश नजर आया। भाई-बहन के बीच उपहारों का यह आदान-प्रदान बताता है कि बच्चों की दुनिया में प्यार जताने के तरीके भले ही छोटे हों, लेकिन उनमें छिपी भावनाएं बेहद बड़ी होती हैं।
एक ओर बुआ और भतीजे के रिश्ते में किताब ने भावनाओं को शब्द दिए, तो दूसरी ओर भाई-बहन के रिश्ते में पानी की बोतल ने अपनत्व की मिठास घोल दी। रक्षाबंधन के ये आत्मीय पल परिवार के लिए यादगार बन गए।