खाद्य सुरक्षा प्रशासन का शिकंजा, 11 कारोबारियों पर 1.80 लाख का अर्थदंड... दूध से लेकर नमकीन-दाल तक लिए गए नमूने, प्रयोगशाला जांच के लिए भोपाल भेजे जाएंगे....!

10 Sep, 2026 17 व्यूज
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सिवनी नायक दर्पण

जिले में खाद्य पदार्थो की गुणवत्ता और खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। जुलाई 2026 से अब तक अपर कलेक्टर न्यायालय द्वारा 11 खाद्य कारोबारकर्ताओं पर कुल 1.80 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। वहीं दूध सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा दूध विक्रेताओं डेयरी यूनिटों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में 8 सितंबर को अभिहित अधिकारी डॉ. पंकज दुबे ने इंडियन कॉफी हाउस की किचिन एवं भोजन निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री का निरीक्षण किया। इसी दिन कहानी स्थित सोनू दूध डेयरी, घंसौर से भैंस के दूध का नमूना लिया गया। बालाजी होटल से नमकीन, सेव पोहा और मैदा के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।
9 सितंबर को आर.वी. दूध संकलन केंद्र, अरी में रैपिड टेस्टिंग किट से दूध की मौके पर जांच की गई, जिसमें दूध मानक स्तर का पाया गया। वहीं अरी-बरघाट क्षेत्र के आशीष किराना से पान पराग पान मसाला, पटेल किराना स्टोर से मूंगफली एवं मिक्स नमकीन तथा नीरज किराना स्टोर से सूजी एवं तुअर दाल के नमूने लिए गए। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जाएगा।
कार्रवाई के तहत साईं प्रसाद टाइगर रिसोर्ट पर अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री का निर्माण किए जाने पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। बिना पंजीयन खाद्य कारोबार करने पर हीरालाल सूर्यवंशी, भटेखारी किराना स्टोर तथा पवन शिवहरे, धूमा पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। मनोहर अमृत तुल्य चाय, सिवनी पर अवमानक खाद्य सामग्री के विक्रय के मामले में 10 हजार रुपये तथा अभिषेक बघेल पर गुटखा विक्रय के मामले में 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। किशोरी लाल यादव, दूध विक्रेता, पुनवारा लखनादौन पर भी 15 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अनुसार जिले में मिलावट, अवमानक खाद्य सामग्री के विक्रय अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण और बिना पंजीयन कारोबार करने वालों के विरुद्ध जांच एवं कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।