ऑपरेशन में लापरवाही के आरोप से मचा हड़कंप, महिला की हालत नाजुक...डॉ. रश्मि बाघमारे और डॉ. निलय जैन के खिलाफ कलेक्टर-एसपी से शिकायत....गलत ऑपरेशन का आरोप नागपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा उपचार....!
22 Sep, 2026
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नायक दर्पण/बालाघाट
शासकीय जिला चिकित्सालय बूढ़ी, बालाघाट में प्रसव के दौरान हुए ऑपरेशन के बाद एक 20 वर्षीय महिला की हालत लगातार बिगड़ने का मामला सामने आया है। महिला के पति विकास भारद्वाज निवासी वार्ड क्रमांक-6 कोसमी ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक बालाघाट को शिकायत आवेदन प्रस्तुत कर डॉ. श्रीमती रश्मि बाघमारे एवं डॉ. निलय जैन के विरुद्ध लापरवाही और गलत उपचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने मामले में आपराधिक कार्रवाई के साथ उपचार में हुए खर्च की क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है।
शिकायत के अनुसार विकास भारद्वाज की पत्नी राखी भारद्वाज को प्रथम डिलीवरी के लिए 30 जुलाई 2026 को शासकीय जिला चिकित्सालय बूढ़ी में भर्ती कराया गया था। शिकायत में आरोप है कि अस्पताल में उपचार के दौरान 3 अगस्त 2026 को डॉ. रश्मि बाघमारे द्वारा ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। लेकिन ऑपरेशन के महज दो दिन बाद ही महिला को पेट में असहनीय पीड़ा होने लगी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ऑपरेशन वाले स्थान और मलमार्ग से पस निकलने लगा तथा इसकी जानकारी चिकित्सक को दी गई।
शिकायत के मुताबिक इसके बाद महिला को निजी अस्पताल में उपचार कराने की सलाह दी गई। परिजन उसे आरोग्य हॉस्पिटल, बालाघाट लेकर पहुंचे। वहां डॉ. अर्चना गुप्ता द्वारा कथित तौर पर ऑपरेशन सही तरीके से नहीं होने, टांके ठीक नहीं लगाए जाने तथा बच्चेदानी की सफाई नहीं होने की बात बताई गई। शिकायत में कहा गया है कि संक्रमण एवं पस की समस्या के चलते महिला का दोबारा ऑपरेशन आवश्यक बताया गया, जिसके बाद परिजनों की सहमति से पुनः ऑपरेशन कराया गया।
हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बाद भी महिला की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और शरीर से पस निकलना जारी रहा। स्थिति गंभीर होने पर उसे आगे के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज, नागपुर ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी बताया गया है। शिकायत में महिला की स्थिति नाजुक होने और जीवन पर खतरा बने रहने की बात कही गई है।
सीएम हेल्पलाइन शिकायत की जांच पर भी उठाए सवाल।
मामले में शिकायतकर्ता ने सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत किए जाने का उल्लेख किया है। आवेदन के अनुसार शिकायत की जांच डॉ. निलय जैन को सौंपी गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच में कथित लापरवाही को उजागर करने के बजाय संबंधित चिकित्सक को बचाने का प्रयास किया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि शिकायत के आधार पर नहीं हुई है और संबंधित चिकित्सकों का पक्ष सामने आना शेष है।
इलाज में 2.25 लाख खर्च होने का दावा
विकास भारद्वाज ने स्वयं को गरीब मजदूर और गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाला बताते हुए शिकायत में कहा है कि पत्नी के उपचार में अब तक करीब 2 लाख 25 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं और आगे भी उपचार का खर्च जारी है। उनका कहना है कि कथित लापरवाही के कारण परिवार को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने, दोष पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई तथा उपचार में हुए खर्च की क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर हैं कि लगाए गए गंभीर आरोपों की वास्तविकता क्या है और चिकित्सा उपचार में कहीं लापरवाही हुई या नहीं।
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