समाचार पढ़कर शिकायतबाजी: नायक दर्पण की खबरों पर सीएम हेल्पलाइन में फर्जी शिकायतें। चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे तो नाम-तस्वीर सहित होगा खुलासा।

22 Jan, 2026 403 व्यूज
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विशेष रिपोर्ट
नायक दर्पण/बालाघाट।
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नायक दर्पण अखबार बीते लंबे समय से ग्राम पंचायतों और विभिन्न शासकीय विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को पूरी जिम्मेदारी और प्रमाणों के साथ उजागर करता आ रहा है। हमारी खबरों का असर यह है कि आम नागरिक, मजदूर, किसान और पीड़ित लोग अब खुलकर सामने आ रहे हैं और शासन-प्रशासन तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं। यही कारण है कि नायक दर्पण की खबरें कई भ्रष्टाचारियों की नींद उड़ाए हुए हैं।
लेकिन इसी बीच एक बेहद चिंताजनक और शर्मनाक प्रवृत्ति सामने आई है। नायक दर्पण में प्रकाशित भ्रष्टाचार संबंधी समाचारों को पढ़कर कुछ कथित लोग जो स्वयं को कलमकार बताने का ढोंग कर रहे हैं, सीएम हेल्पलाइन 181 पर नायक दर्पण के समाचारों को आधार बनाकर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। यह शिकायतें न तो जनहित से प्रेरित हैं और न ही निष्पक्ष पत्रकारिता की भावना से बल्कि साफ तौर पर सस्ती प्रसिद्धि, व्यक्तिगत स्वार्थ और ब्लैकमेलिंग की बू देती हैं।
नायक दर्पण टीम के संज्ञान में ऐसे कई नाम आए हैं, जो खुद को कलमकार बताकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें दर्ज कर रहे हैं,सूत्र की माने तो उनका न तो किसी मान्यता प्राप्त समाचार संस्था से कोई संबंध है और न ही पत्रकारिता के मूल्यों से कोई लेना-देना। यह लोग नायक दर्पण की मेहनत जोखिम और जिम्मेदार रिपोर्टिंग का गलत फायदा उठाकर खुद को शिकायतकर्ता कलमकार साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।
यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि नायक दर्पण का इन कथित शिकायतकर्ताओं से कोई लेना-देना नहीं है। नायक दर्पण न तो किसी को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करने के लिए प्रेरित करता है और न ही अपनी खबरों का इस्तेमाल निजी एजेंडे के लिए करने की अनुमति देता है। हमारी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल और केवल सच को सामने लाना है। न कि किसी की दुकान चलाना।
नायक दर्पण टीम यह भी साफ कहना चाहता है कि सीएम हेल्पलाइन 181 आम जनता की समस्याओं के समाधान का मंच है, न कि खुद को कलमकार बताने वालों के लिए सस्ती लोकप्रियता बटोरने या प्रशासन पर दबाव बनाने का हथियार। जो लोग ऐसा कर रहे हैं वे न सिर्फ पत्रकारिता को बदनाम कर रहे हैं, बल्कि शासन की गंभीर शिकायत प्रणाली का भी दुरुपयोग कर रहे हैं।
अब नायक दर्पण इन कथित कलमकारों को इस समाचार के माध्यम से स्पष्ट और कड़ी चेतावनी देता है। यदि भविष्य में हमारी खबरों को आधार बनाकर सीएम हेल्पलाइन 181 पर इस तरह की शिकायतें करना बंद नहीं किया गया तो नायक दर्पण बाध्य होकर ऐसे कथित शिकायतकर्ताओं के नाम और तस्वीरें सहित समाचार प्रकाशित करेगा। यह फैसला नायक दर्पण की साख,विश्वसनीयता और निष्पक्ष पत्रकारिता की रक्षा के लिए लिया जाएगा। साथ ही जिन-जिन स्थानों पर इन कथित लोगों द्वारा सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, उनसे नायक दर्पण सार्वजनिक रूप से यह मांग करता है कि वे तुरंत उन शिकायतों को वापस लें। अन्यथा यह माना जाएगा कि वे जानबूझकर पत्रकारिता की आड़ में भ्रम फैलाने और नायक दर्पण की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। नायक दर्पण यह भी स्पष्ट करना चाहता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई न पहले रुकी थी न आज रुकी है और न आगे रुकेगी। चाहे कोई कितना ही दबाव बनाए शिकायतों की आड़ ले या खुद को पत्रकार बताकर भ्रम फैलाए नायक दर्पण सच लिखता रहेगा और भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करता रहेगा। पत्रकारिता कोई नकाब नहीं है जिसे पहनकर कोई भी अपने निजी स्वार्थ साध ले। यह जिम्मेदारी,जोखिम और ईमानदारी का पेशा है। जो लोग इसे मज़ाक समझ रहे हैं उन्हें अब सचेत हो जाना चाहिए। नायक दर्पण अब हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। यह समाचार चेतावनी भी है और आखिरी मौका भी। इसके बाद न नाम छुपाया जाएगा न चेहरा।