स्वास्थ्य जागरूकता के लिए नवोदय विद्यालय में सप्ताहभर आयोजन...नुक्कड़ नाटक, योगाभ्यास, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिताओं के जरिए विद्यार्थियों को दिया सकारात्मक सोच का संदेश....!

10 Oct, 2026 30 व्यूज
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कान्हीवाड़ा/सिवनी नायक दर्पण

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जवाहर नवोदय विद्यालय, कान्हीवाड़ा में 6 से 10 अक्टूबर तक सप्ताहभर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। वर्ष 2026 की थीम “Lived Experiences Heard: Real Voices, Real Change” अर्थात “अनुभवों को मिले आवाज़, वास्तविक बदलाव का हो आगाज़” के अनुरूप विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच के महत्व से अवगत कराया गया।

विद्यालय के प्राचार्य श्री डी.के. मिश्रा के मार्गदर्शन में मनोवैज्ञानिक काउंसलर दीपिका सोंधिया ने कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की। अभियान में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों और विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्यों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक सहयोग लेने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा आठवीं की छात्राओं ने मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने, समस्याओं को साझा करने और दूसरों के अनुभवों के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया गया। वहीं, कक्षा ग्यारहवीं के छात्र-छात्राओं ने तनाव प्रबंधन के उद्देश्य से योगासन का प्रदर्शन किया।

योगाभ्यास गतिविधियों में पीईटी शिक्षक श्री डी.एस. चौहान, पीईटी शिक्षिका श्रीमती कविता भोयर, योग प्रशिक्षक श्री रंजीत सिंह, श्री अशोक कुमार हनोटे और श्रीमती अनुराधा ठाकुर ने सहयोग किया। विद्यार्थियों को योग के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध, एकाग्रता और तनाव प्रबंधन के महत्व की जानकारी दी गई।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम पर विद्यार्थियों ने चार्ट एवं पोस्टर तैयार किए। पोस्टर मेकिंग और स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन रचनात्मक गतिविधियों के जरिए उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, भावनाओं को समझने, अपने अनुभव साझा करने और जरूरतमंदों के प्रति सहयोग की भावना विकसित करने का संदेश दिया। इन गतिविधियों में श्री अशोक कुमार हनोटे सहित अन्य शिक्षकों का सहयोग रहा।

इस अवसर पर मनोवैज्ञानिक काउंसलर दीपिका सोंधिया ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न अंग है। प्रत्येक विद्यार्थी की भावनाओं, अनुभवों और समस्याओं को सुनना तथा बिना किसी पूर्वाग्रह के समझना जरूरी है। तनाव या परेशानी के समय अपनी बात साझा करना कमजोरी नहीं, बल्कि सकारात्मक कदम है। विद्यार्थियों को आवश्यकता पड़ने पर शिक्षकों, अभिभावकों या काउंसलर से सहयोग लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक-दूसरे की बात सुनकर और समझकर विद्यालय में ऐसा वातावरण बनाया जा सकता है, जहां प्रत्येक विद्यार्थी स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और स्वीकार्य महसूस करे।विद्यालय में आयोजित यह सप्ताहव्यापी अभियान इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता केवल एक दिन तक सीमित न रहे, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए।