मुस्लिम समाज की पहल,सर्व समाज का सहयोग 100 यूनिट के लक्ष्य के साथ 15 जनवरी को लालबर्रा में रक्तदान महाअभियान
13 Jan, 2026
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नायक दर्पण/बालाघाट (लालबर्रा)। इंसानियत, सेवा और भाईचारे की भावना को सशक्त करने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए सक्षम लोक मददगार एवं शिक्षा समिति, लालबर्रा के बैनर तले 15 जनवरी (गुरुवार) को लालबर्रा अस्पताल परिसर में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस मानवीय अभियान की शुरुआत मुस्लिम समाज की पहल से हुई है, जिसे अब सर्व समाज के सहयोग से व्यापक स्वरूप दिया जा रहा है।
समिति संयुक्त सचिव मतीन रज़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस रक्तदान शिविर के लिए 100 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि मुस्लिम समाज के 50 से अधिक लोगों ने पहले ही स्वेच्छा से रक्तदान की सहमति देकर इस अभियान को मजबूत आधार प्रदान कर दिया है, जो समाज में बढ़ती जागरूकता और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है।
“रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी अनजान जरूरतमंद को जीवनदान देने का सबसे सशक्त माध्यम है,”— मतीन
मुस्लिम समाज की अगुवाई, इंसानियत का संदेश
मतीन रज़ा ने कहा कि अस्पतालों में रक्त की कमी के कारण कई बार गंभीर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे स्थिति गंभीर हो जाती है। ऐसे में यदि समाज संगठित होकर आगे आए, तो अनेक अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि—
“मुस्लिम समाज द्वारा शुरू किए गए इस सेवा अभियान में यदि युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, तो यह पहल न केवल सफल होगी, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी बनेगी।”
समिति के पदाधिकारियों की सामूहिक अपील
इस अवसर पर सक्षम लोक मददगार एवं शिक्षा समिति के सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में समाज से अपील करते हुए कहा कि यह रक्तदान शिविर किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज की पहल पर शुरू हुआ ऐसा अभियान है, जिसमें सर्व समाज की सहभागिता अपेक्षित है, ताकि 100 यूनिट का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।
अध्यक्ष सलमान कुरैशी ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को इसमें भाग लेना चाहिए।
उपाध्यक्ष राशिद खान ने इसे समाज को जोड़ने वाला कार्य बताया।
सचिव वासित खान ने कहा कि यह अभियान आपसी भाईचारे की मिसाल बनेगा।
कोषाध्यक्ष मोहसिन अहमद ने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी पूरे परिवार की खुशियां बचा सकता है।
संयुक्त सचिव मतीन रज़ा ने इसे इंसानियत का महाअभियान बताया।
सर्व समाज से सहभागिता का आह्वान
समिति ने स्पष्ट किया कि 18 से 60 वर्ष आयु के सभी स्वस्थ नागरिक इस रक्तदान शिविर में भाग ले सकते हैं। यह आयोजन मुस्लिम समाज की अगुवाई में शुरू हुआ, लेकिन इसका उद्देश्य पूरे समाज की सेवा करना है।
एक यूनिट रक्त — किसी की पूरी दुनिया
अंत में समिति ने समाज से भावुक अपील करते हुए कहा—
“हो सकता है आपका दिया हुआ रक्त किसी मां की गोद उजड़ने से बचा ले, किसी बच्चे को अनाथ होने से रोक दे। आइए, 15 जनवरी को लालबर्रा अस्पताल पहुंचकर इंसानियत के इस महाअभियान का हिस्सा बनें।
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