आरोप: विकास के नाम पर वसूली? विधायक अनुभा मुंजारे पर कमीशनखोरी के गंभीर आरोप, बिसेन ने खोली पोल

23 Jan, 2026 1,008 व्यूज
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नायक दर्पण/बालाघाट
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मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की लालबर्रा विधानसभा से कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में हैं। इस बार मामला ग्राम पंचायत स्तर के विकास कार्यों में कथित कमीशनखोरी और अनावश्यक विभागीय हस्तक्षेप से जुड़ा है। लालबर्रा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत ददिया के पूर्व सरपंच एवं स्थानीय नेता नेतलाल बिसेन ने विधायक पर खुलकर आरोप लगाए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व सरपंच नेतलाल बिसेन ने ग्राम पंचायत ददिया में निर्माणाधीन सीसी सड़क को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। बिसेन का कहना है कि पंचायत स्तर के छोटे-छोटे विकास कार्य ग्राम पंचायत द्वारा ही कराए जाने चाहिए जिससे स्थानीय लोगों की भागीदारी और निगरानी बनी रहे। लेकिन यहां ऐसे कार्यों को जानबूझकर आरईएस विभाग के हवाले किया जा रहा है। बिसेन का आरोप है कि इसके पीछे विधायक अनुभा मुंजारे की कथित कमीशनखोरी है। उन्होंने कहा कि नई विधायक बनने के कुछ ही समय में वे कमीशन के खेल में उलझ गई हैं। बिसेन ने आरोप लगाया कि सभा मंच, स्वागत गेट जैसे छोटे अन्य कार्य पंचायत करती जबकि बड़े और तकनीकी कार्यों के लिए विभागीय एजेंसियां उपयुक्त होती हैं। पंचायत स्तर के कार्य पंचायत से ही होने चाहिए, क्योंकि स्थानीय लोग ही निर्माण की गुणवत्ता और जरूरत को सही ढंग से समझते हैं। बाहर से आने वाले ठेकेदार घटिया गुणवत्ता का काम कर चले जाते हैं और जवाबदेही तय नहीं हो पाती। उन्होंने आगे कहा कि ददिया ग्राम पंचायत में बन रही सीसी सड़क मात्र 200 मीटर की है, जिसकी लागत लगभग 6 लाख रुपये बताई जा रही है। मुझे नहीं पता कितने की है विधायक बोल रही। बिसेन के अनुसार यह सड़क वहां बनाई जा रही है जहां जरूरत कम है, जबकि जिन स्थानों पर ग्रामीणों का रोजाना आना-जाना है वहां आज भी सड़कें जर्जर हालत में हैं। उन्होंने टैंकर व्यवस्था और स्वागत गेट निर्माण में भी विधायक एवं सांसद पर कमीशनखोरी के आरोप लगाए और कहा कि यह स्थिति अब बर्दाश्त के बाहर है। ये आरोप ऐसे समय सामने आए हैं जब विधायक अनुभा मुंजारे पहले से ही विवादों से घिरी रही हैं। सितंबर 2025 में बालाघाट की तत्कालीन डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) नेहा श्रीवास्तव ने मुंजारे पर लगभग तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगने धमकी देने और अपशब्द कहने का आरोप लगाया था। हालांकि नवंबर 2025 में गठित जांच समिति ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन विपक्ष और स्थानीय लोगों के बीच उस जांच को लेकर आज भी संदेह बना हुआ है। कई लोग इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम मानते हैं।
विधायक की निजी जिंदगी से जुड़े विवाद भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले उनके पति कंकर मुंजारे जो बहुजन समाज पार्टी से उम्मीदवार थे, ने वैचारिक मतभेदों का हवाला देकर उनसे अलग रहने की सार्वजनिक घोषणा की थी। इससे जुड़े विवादों ने भी उनकी राजनीतिक छवि को प्रभावित किया। ददिया गांव के एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि विधायक चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर विकास की जगह कमीशन की राजनीति दिखाई देती है। बिसेन का आरोप है कि विधायक और सांसद मिलकर क्षेत्र में लूट मचा रहे हैं।
बिसेन ने चेतावनी दी कि यदि इस कथित अन्याय को नहीं रोका गया तो ग्रामीण आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। समाचार लिखे जाने तक विधायक अनुभा मुंजारे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक हालांकि उनके समर्थक इसे राजनीतिक हमला बता रहे हैं। यह मामला अब लालबर्रा क्षेत्र में विकास,पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। जनता जानना चाहती है विकास कब होगा और कमीशनखोरी का खेल कब थमेगा?