झोलाछाप डॉक्टर की हैवानियत: अवैध गर्भपात में युवती की मौत, शव जंगल में फेंककर फरार तीन आरोपी जेल
24 Jan, 2026
26 व्यूज
नायक दर्पण, मंडला।
जिले में झोलाछाप डॉक्टरों का बेलगाम आतंक एक बार फिर मौत का कारण बन गया। घुघरी क्षेत्र में बिना डिग्री क्लीनिक चला रहे एक झोलाछाप डॉक्टर की हैवानियत ने मानवता को शर्मसार कर दिया। अवैध गर्भपात के दौरान 27 वर्षीय युवती की मौत के बाद आरोपी डॉक्टर ने अपने साथियों के साथ मिलकर शव को जंगल में फेंक दिया और फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार नयागांव निवासी उदित पड़यार परसवाह गांव में बिना किसी मान्यता के क्लीनिक चला रहा था। युवती गर्भपात कराने उसके पास पहुंची, जहां डॉक्टर ने गोली व अन्य दवाइयां देकर गर्भपात किया। अत्यधिक रक्तस्राव से युवती की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से घबराकर उदित पड़यार ने परसथाह निवासी सुनील पुषाम और रोशन नरेते की मदद से रात में वाहन द्वारा तबलपानी मार्ग पर शव फेंक दिया।
दूसरे दिन जंगल में युवती का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने वाहन जब्त कर तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। युवती राजस्थान में मजदूरी करती थी, उसका स्थानीय क्षेत्र में आना-जाना सीमित था। गर्भावस्था के कारणों की जांच जारी है।
स्वास्थ्य तंत्र कटघरे में
इस घटना ने जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। झोलाछाप डॉक्टरों को दवाइयां उपलब्ध कराने में कुछ मेडिकल संचालकों, दवा एजेंसियों और कथित संरक्षण की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्र बदहाल हैं, डॉक्टर नियमित सेवा नहीं दे रहे, जिससे जनता मजबूरन झोलाछापों के जाल में फंस रही है।
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